बजट के अभाव में थमा नगर का विकास
अजय राजपूत आल इंडिया प्रेस एसोसिएशन
औरैया: कोरोना महामारी काल का ग्रहण नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है। 25 वार्डाें की रिहायशी नई बस्ती में कच्ची सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा मरम्मत कार्य भी बजट के अभाव में रुके पड़े हैं।नगर पालिका की स्थिति इस समय बेहद खस्ताहाल है। शहर की लगभग आधा दर्जन से अधिक मुख्य मार्गाें का पुनर्निर्माण होना जरूरी है। इसी तरह 27 वार्डाें में रहायशी आबादी में कच्ची गलियां जिनकी संख्या 134 के करीब हैं जिन पर अभी तक खरंजा, मिट्टी भराई आदि का कार्य भी नहीं हुआ है। इसी हाल में कई वर्षाें से लोग रह रहे हैं। एक घंटे की बरसात में यहां ऐसी स्थिति बन जाती है कि तीन दिन तक लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। आर्यनगर, गोविद नगर, नरायनपुर, नई बस्ती पढ़ीन दरवाजा, बनारसीदास, प्रेमानंद आश्रम के पीछे आदि प्रमुख वार्डाें में स्थिति बेहद संकटपूर्ण हो जाती है। इसके अलावा इन सभी वार्डाें में सैकड़ों की संख्या में पुरानी सड़कें हैं, जिनकी मरम्मत कार्य भी ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। मार्च में शुरू हुए कोरोना काल से स्थिति ज्यादा खराब है। बजट के अभाव में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। पालिका के संसाधनों में दुकानों का किराया व हाउस टैक्स ही है। नया निर्माण कार्य हो नहीं पा रहा है। यदि सत्ती तालाब के किनारे पालिका की जगह में दुकानों का आवंटन लटका हुआ है। नगर की साफ सफाई आदि की व्यवस्था में प्रतिदिन का खर्चा निजी संसाधनों से ही किया जाता है। कोरोना काल में परेशान गृहस्वामियों से गृहकर व जलकर की अदायगी भी कम हो रही है। क्या कहते हैं जिम्मेदार बजट के अभाव में न ही नया निर्माण हो पा रहा है, न ही सड़कों, नाला नालियों व हैंडपंप आदि की मरम्मत। प्रतिमाह आने वाले बजट से कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी नहीं हो पा रहा है।
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