Top News

आखिर कब जमीन पर उतरेगी एंटी भू माफिया टीम

*बिधूना की पंचायत पुसौली के मैन रोड पर ग्राम पंचायत की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे*
*जीवा सिरसानी में खेड़ा में दर्ज लगभग 70 बीघा के ऊपर अवैध कब्जा*
औरैया (बिधूना) : सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ गठित एंटी भू माफिया टॉस्क फोर्स के कदम जमीन से दूर ही नजर आ रहे हैं। शासन के सख्त निर्देश के बाद भी सरकारी विभाग अपनी कब्जाई गई भूमि का ब्यौरा तक तैयार नहीं कर सके हैं। ऐसा तब है जब अधिकारियों के पास लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई भूमि की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। शासन ने सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए महा अभियान चलाने की घोषणा कई महीने पहले की थी। इसके लिए तहसील स्तर पर भी एंटी भू माफिया टॉस्क फोर्स का गठन किया गया था। इसमें एसडीएम को अध्यक्ष, तहसीलदार को संयोजन अधिकारी बनाया गया। जबकि पुलिस, ¨सचाई विभाग, पीडब्लूडी, नगर पालिका, वन महकमे के अधिकारीे सदस्य के रूप में शामिल किये गये थे। लेकिन फोर्स अभी जमीन पर नहीं उतर सकी है।पहले टीम के साथ एसडीएम और तहसीलदार ने बैठक भी ली थी। जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि हर विभाग अपनी कब्जे वाली जमीन का ब्यौरा एकत्र करें, उसकी फाइल तहसील में जमा कराई जाय। यहां अलग-अलग विभागों की कब्जे वाली जमीन का एक मास्टर रजिस्टर तैयार किया जाएगा। जिसके आधार पर लेखपाल और पुलिस की टीम कब्जा खाली कराने का काम करेगी। लेकिन हैरानी की बात ये है कि अब तक किसी भी विभाग ने ब्यौरा तहसील में नहीं पहुंचाया है। यह बात अधिकारी खुद भी कबूल करते हैं, हालांकि वे इसे गंभीर बात नहीं मानते। उनका कहना ह कि सभी विभाग अपनी कार्रवाई में लगे हुए हैं। यह लंबी प्रक्रिया है, धीरे-धीरे ही काम हो सकेगा। लेकिन अब तक किसी विभाग द्वारा ब्यौरा जमा न करवाना कहीं न कहीं इस मामले में उदासीनता को ही दर्शाता है।
(खेड़ा,सरकारी जगह और वन विभाग की जमीनें कब्जे में)
यूं तो एंटी भू माफिया टास्क फोर्स में ¨सचाई महकमा, पीडब्लूडी और नगर पालिका को शामिल किया गया है। लेकिन अगर कब्जे की बात करें तो खेड़ा,चारागाह,तालाब  और वन विभाग की सबसे ज्यादा जमीनें अवैध कब्जे का शिकार हैं। पुलिस महकमे द्वारा आवास निर्माण के लिए

चयनित की गई जमीन पर खेती बाड़ी का काम किया जा रहा है। जीवा सिरसानी में खेड़ा में लगभग 70 बीघा अवैध कब्जा
होने पर भी,कई बार शिकायत व दैनिक समाचार पत्र में निकालने पर कोई कार्यवाही नही। विभागीय अधिकारियों की इसके प्रति उदासीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब बैठक में एसडीएम राशिद अली ने इस मुद्दे को उठाया था तो संबंधितों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया ही नहीं आई। न ही अब तक विभाग इस कब्जे का ब्यौरा ही तहसील प्रशासन को सौंप सका है। वहीं थोड़ी नहीं बल्कि सैकड़ों एकड़ जमीन अवैध कब्जे की गिरफ्त में है। जिसे खाली कराने की इच्छाशक्ति भी राजस्व विभाग नहीं दिखा पा रहा। हालांकि पिछले महीने कुछ जगह में कब्जा खाली कराने की कार्रवाई हुई थी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।
(ये आ रही हैं अड़चनें)
जमीनों से कब्जे तभी खाली होंगे जब विभागीय अधिकारी उसकी सूचना तहसील प्रशासन को दें। चूंकि अब तक सूचना नहीं दी जा सकी है ऐसे में एंटी भू माफिया टास्क फोर्स के कदम भी आगे नहीं बढ़ पा रहे। वहीं जमीन से जुड़े तमाम मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। सरकारी रिकार्ड के अनुसार अधिकांश बड़े मामलों में आरोपी पक्ष कोर्ट की शरण लिए हुए है। ऐसे में टास्क फोर्स के लिए कब्जा हटाना दूर की कौड़ी साबित होगा। शासन ने ऐसे मामलों की अलग से रिपोर्ट तलब की है।

Post a Comment

If You have any doubts, Please let me know

أحدث أقدم