उत्तर प्रदेश न्यूज21ब्यूरो रिपोर्ट
धान और बाजरा की फसल पर कीटों का हमला
क्षेत्र में धान और बाजरा की फसलें तैयार हो रही हैं, दोनों फसलों की बालियां कोत में है। लगभग सप्ताह या दस दिन में धान और बाजरा की बालियां नजर आने लगेंगी। यही समय फसलों पर कीटों का हमला अधिक होता है। फसलों में रोग लग जाने पर किसानों पर आर्थिक बोझ तो पड़ता ही है, लेकिन फसल की पैदावार भी प्रभावित हो जाती है। फसल के बाजार भाव पर भी फर्क पड़ता है। धान और बाजरा की फसल में आने वाले प्रमुख कीटों की रोकथाम के लिए जनपद के परवाह स्थित सरपंच समाज कृषि विज्ञान केंद्र के पौध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. अंकुर झा व फसल उत्पादन विशेषज्ञ डॉक्टर एस के सिंह ने बताया कि किसान भाई अपनी धान की फसल में कीटों की रोक थाम के लिए निम्नलिखित उपाय करें। जिससे धान की फसल की पैदावार अच्छी हो। धान की फसल में शूट बोरर सूड़ी की रोकथाम के लिए निम्न कीटनाशकों का शाम के समय खेतों में पानी मिलाकर छिड़काव करें। जिसमें कीटनाशक रॉकेट 2.500 मिली. + इम्मेक्टिन बेन्जोएट 100 ग्राम दवा को प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। फसल में पतंगा (पतलैया)/ गंधी बग (हरे रंग का उड़ने वाले कीट) की रोकथाम के लिए कीटनाशक रॉकेट 2.500 मिली. प्रति एकड़ के हिसाब से शाम के समय खेतों का पानी मिलाकर छिड़काव करें। धान में भूरे फुदके से बचाव के लिए भी खेत में पानी निकाल दें। इम्डाक्लोरपिड 8 मिली. प्रति 15 ली. पानी में घोलकर शाम के समय छिड़काव करें। बाजरा की फसल में सुडी कीट के नियंत्रण के लिए इम्मे
क्टिं न बेन्जोइट 100 ग्राम दवा को प्रति एकड़ की दर से शाम के समय छिड़काव करें।
क्टिं न बेन्जोइट 100 ग्राम दवा को प्रति एकड़ की दर से शाम के समय छिड़काव करें।

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