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सीएमओ के छापे में गायब मिले छह डॉक्टर, बिल्हौर सीएचसी के अधीक्षक और एक डॉक्टर पर कार्रवाई

सीएमओ के छापे में गायब मिले छह डॉक्टर, बिल्हौर सीएचसी के अधीक्षक और एक डॉक्टर पर कार्रवाई

नवनीत गुप्ता उत्तर प्रदेश न्यूज22/ऑल इंडिया प्रेस एसोशियेशन
कानपुर:उत्तर प्रदेश के कानपुर में सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने गुरुवार शाम को बिल्हौर और शिवराजपुर सीएचसी में छापा मारा तो दोनों जगहों से छह डॉक्टर गायब मिले, जबकि दोनों पीएचसी में गंभीर रोगी भर्ती थे। बिल्हौर सीएचसी के अधीक्षक समेत तीन डॉक्टरों को हटा दिया गया। अधीक्षक को तत्काल सीएमओ कार्यालय से अटैच कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। 
सीएमओ को शाम को सूचना मिली की बिल्हौर सीएचसी में एक गंभीर रोगी है लेकिन कोई डॉक्टर नहीं है। इस पर डीएम को सूचित करके सीएमओ सीएचसी पहुंचे। कोई डॉक्टर नहीं था। यहां तीन नियमित और एक संविदा डॉक्टर की तैनाती है। अधीक्षक डॉ. तिवारी ने सीएमओ के फोन करने पर बताया कि वे कोरोना पॉजिटिव हैं और क्वॉरंटीन है। इसकी सूचना उन्होंने किसी को नहीं दी।बाद में पता चला कि वे कानपुर के किसी अपार्टमेंट में हैं। इस पर सीएमओ ने कहा कि कोविड संक्रमण की सूचना न देकर उन्होंने संक्रमण फैलाने का काम किया। वहीं बिल्हौर की डॉ. स्वाति चार दिन से गैर हाजिर हैं, उन्हें भी हटा दिया गया। इसके साथ ही सभी से जवाब तलब किया गया है। शिवराजपुर सीएचसी में छह महीने की गर्भवती महिला को ब्लीडिंग हो रही थी और डॉक्टर नहीं थीं।रोस्टर में डॉ. रेखा की ड्यूटी थी। पहले सीएमओ ने तीमारदार बनकर फोन किया तो डॉक्टर ने कहा कि उनकी ड्यूटी नहीं है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुज दीक्षित ने कहा कि डॉ. रेखा की ही ड्यूटी है। इस पर सीएमओ ने अपना परिचय दिया तब भी डॉक्टर ने ड्यूटी से मना किया। सीएमओ ने उन्हें भी हटा दिया है। गैरहाजिर नौ कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।सीएमओ की टीम ने रामादेवी क्षेत्र के नर्सिंग होमों की जांच की। रक्षा, मंगला और मोहिनी नर्सिंग होम की जांच के दौरान पता चला कि इनके पास होल्डिंग एरिया के लिए जगह ही नहीं है। साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर सीएमओ ने तीनों नर्सिंग होम को नोटिस जारी किया है।

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