देश भर के विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष / सेमेस्टर परीक्षाओं के मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है। देश भर में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं होंगी या नहीं, इसे लेकर याचिका दायर पर 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई थी। पीठ ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था और सभी पक्षों से तीन दिनों के भीतर लिखित रूप से अपनी अंतिम दलील दाखिल करने का आदेश दिया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के मामले में न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर। सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम.आर. शाह की खण्डपीठ परीक्षण कर रही थी।
आज आ सकता है फैसला
सुप्रीम कोर्ट की खण्डपीठ द्वारा सभी पक्षों को दी गई समय सीमा समाप्त होने के बाद संभावना है कि अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के मामले में निर्णय आज यानि कि 26 अगस्त को सुनाया जा सकता है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव ने भी 24 अगस्त को ट्वीट करके जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी कर चुकी खण्डपीठ द्वारा 26 अगस्त 2020 को निर्णय सुनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी थी कि वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय को जल्द फैसला सुनाने के लिए प्रेषक की कोशिश कर रहे हैं।
जारी हुआ था आदेश
6 जुलाई 2020 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाओं को अनिवार्य रूप से 30 सितंबर 2020 तक पूरा करने के संबंध में सर्कुलर जारी किया गया था। था। तब से ही कोविद -19 महामारी के दौरान अंतिम वर्ष की परीक्षाएं प्रदान करने का विरोध किया जा रहा है। इसके बारे में देश भर के अलग-अलग संस्थानों के 31 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। छात्रों द्वारा अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की गई थी। इसके साथ ही याचिका में छात्रों के रिजल्ट उनके आंतरिक मूल्यांकन या पिछले प्रदर्शन के आधार पर तैयार किए जाने की सलाह भी दी गई थी।छात्रों के अलावा उनके अभिभावक व कई नेता भी परीक्षाओं के संबंध में यूजीसी के निर्णय का विरोध कर रहे हैं।

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