क्षेत्र में लगातार वढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या से जहां लोग दहशत में हैं, वहीं कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में दो डाक्टरों सहित आधा दर्जन कोरोना मरीज मिलने के बाद भी ओपीडी चलने से आने वाले मरीजों एवं उनके तीमारदारों को संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने ओपीडी बंद करने की मांग की है।
पिछले एक हफ्ते में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजीतमल में दो डाक्टरों सहित पॉच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। जबकि कुछ दिन पहले एक एक कर्मचारी की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आयी थी। इस तरह आधा दर्जन मरीज सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्र में मिलने के बाद भी पूरे दिन ओपीडी चल रही है। जिससे मरीजों एवं उनके साथ आने वाले तीमारदारों की भीड़ लग रही है। जिनसे संक्रमण का खतरा लगातार वढ़ रहा है।
आस पास रहने वाले लोगों एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में दहशत व्याप्त है। क्षेत्रीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है। लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए केन्द्र पर होने वाली भीड़ को रोकने के लिए ओपीडी को बंद करा दिया जाए। लेकिन इमरजेंसी सेवा को बहाल रखा जाए। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक डा. विमल ने बताया कि परिसर को सेनेटाइज कराया जा रहा है। इमरजेंसी के साथ ओपीडी भी चल रही है। जिसमें प्रतिदिन डेढ़ सौ से दौ सौ मरीजों की भीड़ हो रही है। ओपीडी बंद कराने के सवाल पर उपजिलाधिकारी अजीतमल रमापति ने बताया कि स्वस्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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