प्रशाशन की अनदेखी से अतिक्रमण कारी हुये बेखौफ
नवनीत गुप्ता उत्तर प्रदेश न्यूज 21
दिबियापुर:दिबियापुर कस्बे के स्थानीय बेला रोड़ पर पड़ी सरकारी जमीन पर हो रहे अंधाधुंध अतिक्रमण से इसका रकबा आधा भी नही बचा है। पिछले दिनों अखबार में खबर को प्रकाशित होने के बावजूद भी नहीं की जा रहा है कोई कार्यवाही। जानकारी के
अनुसार ब्लाक संसाधन केन्द्र(बी आर सी) कार्यालय से सटी जिला पंचायत की गाटा संख्या 1310(घ) रकबा 0.0040 हेक्टेयर नवीन परती एवं 1311 रकबा 0.0970 हेक्टयर व 1318 रकबा 0.6680 हेक्टयर डिस्ट्रिक बोर्ड के नाम से राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।जिसमें सिर्फ बी आर सी का कार्यालय और बाउंड्री बनी हुई है। इसके अलावा जगह वाकी पड़ी है।जिसके बारे में बताया जाता है,कि पड़ोसी गाँव उमरी के कुछ लोगों से जिला पंचायत के बीच इस जमीन को लेकर हाई कोर्ट में विवाद चल रहा है। जिसका फायदा जमीन के आस पास काबिज लोगों द्वारा लेकर चारों तरफ इस भूमि पर अवैध कब्जा किया जाने लगा है।बतातें हैं कि बीते दिनों लाँकडाउन में बेलामार्ग की ओर बी आर सी के दाहिनी ओर एक अतिक्रमण कारी ने पक्का निर्माण करते हुये अबैध दुकानें बनवा ली।स्थानीय लोगों की शिकायत पर राजस्व विभाग के कर्मी मौके पर जाँच करने पहुंचे। परन्तु कागजों की देखी को अनदेखी करके टाल देते है।वहीं इस प्रकरण पर आज तक कोई कार्यवाही नही हो सकी।जिससे कि अतिक्रमण कारियों के हौंसले बुलंद हैं। ज्ञात हो कि नगर के बीचों बीच सहायल रोड एंव बेला रोड़ के मध्य इस खेत की कीमत करोडों में है। चुकी यह जमीन नगर के नगर पंचायत सीमा के अंतर्गत आती है। इसके दोनों रोड़ों पर बने मकानों के पीछे खेत होने से लगभग सभी स्थानीय लोगों द्वारा घर के पिछबाड़े से खेत की ओर बढने से यह सरकारी खेत सिकुड़कर अपना वास्तविक स्वरुप खो चुका है।इस सम्बध में राजस्व निरीक्षक शिव सिहं यादव ने बताया कि बीते दिनों शिकायत मिलने पर अवैध अतिक्रमणकारियों को हिदायत देकर छोड़ा गया था।वहीं सदर तहसीलदार राजकुमार चौधरी ने बताया कि जल्द ही राजस्व टीम को भेजकर नाप जोख कराई जायेगी। जिससे हो रहे अतिक्रमण कर अवैध कब्जे निर्माण को हटवाया जा सके।
अनुसार ब्लाक संसाधन केन्द्र(बी आर सी) कार्यालय से सटी जिला पंचायत की गाटा संख्या 1310(घ) रकबा 0.0040 हेक्टेयर नवीन परती एवं 1311 रकबा 0.0970 हेक्टयर व 1318 रकबा 0.6680 हेक्टयर डिस्ट्रिक बोर्ड के नाम से राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।जिसमें सिर्फ बी आर सी का कार्यालय और बाउंड्री बनी हुई है। इसके अलावा जगह वाकी पड़ी है।जिसके बारे में बताया जाता है,कि पड़ोसी गाँव उमरी के कुछ लोगों से जिला पंचायत के बीच इस जमीन को लेकर हाई कोर्ट में विवाद चल रहा है। जिसका फायदा जमीन के आस पास काबिज लोगों द्वारा लेकर चारों तरफ इस भूमि पर अवैध कब्जा किया जाने लगा है।बतातें हैं कि बीते दिनों लाँकडाउन में बेलामार्ग की ओर बी आर सी के दाहिनी ओर एक अतिक्रमण कारी ने पक्का निर्माण करते हुये अबैध दुकानें बनवा ली।स्थानीय लोगों की शिकायत पर राजस्व विभाग के कर्मी मौके पर जाँच करने पहुंचे। परन्तु कागजों की देखी को अनदेखी करके टाल देते है।वहीं इस प्रकरण पर आज तक कोई कार्यवाही नही हो सकी।जिससे कि अतिक्रमण कारियों के हौंसले बुलंद हैं। ज्ञात हो कि नगर के बीचों बीच सहायल रोड एंव बेला रोड़ के मध्य इस खेत की कीमत करोडों में है। चुकी यह जमीन नगर के नगर पंचायत सीमा के अंतर्गत आती है। इसके दोनों रोड़ों पर बने मकानों के पीछे खेत होने से लगभग सभी स्थानीय लोगों द्वारा घर के पिछबाड़े से खेत की ओर बढने से यह सरकारी खेत सिकुड़कर अपना वास्तविक स्वरुप खो चुका है।इस सम्बध में राजस्व निरीक्षक शिव सिहं यादव ने बताया कि बीते दिनों शिकायत मिलने पर अवैध अतिक्रमणकारियों को हिदायत देकर छोड़ा गया था।वहीं सदर तहसीलदार राजकुमार चौधरी ने बताया कि जल्द ही राजस्व टीम को भेजकर नाप जोख कराई जायेगी। जिससे हो रहे अतिक्रमण कर अवैध कब्जे निर्माण को हटवाया जा सके।
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