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कोलाज में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें हैं और साथ में कुछ दावे किये गए हैं,देखे

बीजेपी नेताओं पर तिरंगे के अपमान का आरोप लगाने वाली पोस्ट की जानें सच्चाई

उत्तर प्रदेश न्यूज 21 ब्यूरो रिपोर्ट                                                                                    सोशल मीडिया पर तीन तस्वीरों के एक कोलाज के जरिये बीजेपी के बड़े नेताओं और आरएसएस की आलोचना की जा रही है। कोलाज में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें हैं और साथ में कुछ दावे किये गए हैं।    भारत:15 अगस्त को अपने 74वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित किया. उधर, सोशल मीडिया पर तीन तस्वीरों के एक कोलाज के जरिये बीजेपी के बड़े नेताओं और आरएसएस की आलोचना की जा रही है।

कोलाज में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें हैं और साथ में कुछ दावे किये गए हैं, जो कुछ इस तरह से हैं।                                                                                                       1. पीएम मोदी ने राष्ट्रीय गान के बीच पानी पिया


2. अमित शाह के हाथ से राष्ट्रीय ध्वज जमीन पे गिर गया

3. योगी आदित्यनाथ ने चप्पल पहन कर ध्वजारोहण किया


4. नागपुर स्थित आरएसएस कार्यालय में आज फिर झंडारोहण नही हुआ, जबकि यूपी के हर मदरसे में झंडारोहण और राष्ट्रीय गान हुआ।इसी तरह की कई पोस्ट स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फेसबुक पर भी शेयर हो रही हैं. इंडिया टुडे ने एक-एक कर हर दावे और तस्वीर की पड़ताल की, जिसकी सच्चाई कुछ इस तरह है।                      पहला                                           दावापीएम मोदी ने राष्ट्रीय गान के बीच पानी पिया                                                           सच्चाई- ये तस्वीर 2018 के स्वतंत्रता दिवस की है, जब पीएम मोदी ने लाल किले से तकरीबन 80 मिनट का भाषण दिया था. दरअसल, हुआ कुछ इस तरह था कि पीएम मोदी अपना भाषण ख़त्म करने के बाद जैसे ही पानी का गिलास उठाते हैं, ठीक उसी समय राष्ट्रगान शुरू हो जाता है। इसके बाद मोदी पानी का एक घूंट पीकर तुरंत गिलास रख देते हैं और पूरे राष्ट्र गान के दौरान सावधान मुद्रा में खड़े दिखाई देते हैं। इस पूरे वाकये का वीडियो भी इंटरनेट पर मौजूद है. वीडियो में 1.22.21 समय के बाद वायरल तस्वीर वाला दृश्य देखा जा सकता है।                                        दूसरा दावा- अमित शाह के हाथ से राष्ट्रीय ध्वज जमीन पे गिर गया 

                              सच्चाई- ये तस्वीर भी 15 अगस्त, 2018 की है, जब अमित शाह ने दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष के तौर ध्वजारोहण किया था।इसका वीडियो भी इंटरनेट पर मौजूद है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही अमित शाह तिरंगा फहराने के लिए रस्सी खींचते हैं, तिरंगा अचानक नीचे आ जाता है। और जमीन को छू जाता है।इसके बाद शाह रस्सी खींचकर तिरंगे को दोबारा ऊपर कर देते हैं। इस घटना के बाद अमित शाह कांग्रेस के निशाने पर भी आ गए थे। कांग्रेस ने वीडियो ट्वीट करते हुए कहा था कि "जो देश का झंडा नहीं संभाल सकते, वो देश क्या संभालेंगे"                            तीसरा दावा- योगी आदित्यनाथ ने चप्पल पहन कर ध्वजारोहण किया
                     सच्चाई-
 तस्वीर में गोला बनाकर ये दिखने की कोशिश की कई गई है कि योगी आदित्यनाथ ने चप्पल पहनकर तिरंगा फहराया है। ध्वजारोहण और तिरंगे को लेकर भारतीय संविधान में कुछ नियम हैं, जिसे ‘फ्लैग कोड ’ कहा जाता है। ‘फ्लैग कोड’ में ऐसा कहीं नहीं लिखा गया है कि फुटवियर पहनकर ध्वजारोहण करना असंवैधानिक है।इसलिए योगी आदित्यनाथ का चप्पल पहनकर ध्वजारोहण करने को गलत नहीं कहा जा सकता।वायरल तस्वीर स्वतंत्रता दिवस 2018 की है, जब योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में अपने आवास पर तिरंगा फहराया था।

चौथा दावा- नागपुर स्थित आरएसएस कार्यालय में आज फिर झंडारोहण नहीं हुआ, जबकि यूपी के हर मदरसे में झंडारोहण और राष्ट्रीय गान हुआ


सच्चाई- ये दावा पूरी तरह सही नहीं है।इस साल नागपुर स्थित आरएसएस कार्यालय/मुख्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम हुआ है। सरसंघ चालक डॉ मोहन भागवत ने खुद आरएसएस कार्यालय में झंडारोहण किया है। इसकी तस्वीरें भी आरएसएस के ट्विटर अकाउंट पर देखी जा सकती हैं।
हालांकि, ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आरएसएस मुख्यालय में ध्वजारोहण होना 26 जनवरी, 2002 से शुरू हुआ है. इससे पहले 52 साल तक आरएसएस मुख्यालय में ध्वजारोहण का कार्यक्रम नहीं किया जाता था।यहां पर ये भी कह पाना मुश्किल है कि इस साल यूपी के हर मदरसे में झंडारोहण हुआ है या नहीं हमारी पड़ताल में ये कहा जा सकता है कि वायरल पोस्ट में लिखी बातें पूरी तरह सच सच नहीं हैं।

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