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खुशखबरी: सभी दिव्यांग शिक्षकों को अगस्त से मिलेगा वेतन!

उत्तर प्रदेश न्यूज21
औरैया:विगत दस महीने से वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे 181 दिव्यांग शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। अगस्त महीने से उनको वेतन मिलने लगेगा। इस बाबत शासन से निर्देश मिल गया है। जिस पर डीएम ने बीएसए को आदेश जारी कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि शपथपत्र लेकर सबका वेतन भुगतान किया जाए। साथ ही इनकी जांच भी जल्द कराने को कहा है।

फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी हथियाने वालों की जांच के आदेश सूबे की सरकार ने जारी किया था। जिसमें जिले के करीब 256 शिक्षक फंस गए थे। आरोप था कि दिव्यांग न होने के बावजूद इन लोगों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर नियुक्ति, ट्रांसफर, प्रमोशन आदि में लाभ लिया है। इनके दिव्यांगता की जांच के लिए डीएम अभिषेक सिंह ने कमिश्नर को पत्र लिखा था। जिस पर कानपुर में डाक्टरों की टीम जांच के लिए गठित की गई थी। जिसमें कई शिक्षकों ने अपनी जांच कराई। मगर बाद में यह आरोप लगने लगा कि जिस डाक्टर के कार्यकाल में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बने हैं, वहीं उस टीम में शामिल था। इसीलिए दोबारा जांच कराई जाएगी। इसी बीच लाकडाउन लग गया। तब से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। हालांकि, डीएम ने दिव्यांगता की जांच के लिए सैफई यूनिवर्सिटी को पत्र लिखा था। मगर कोरोना के चलते अभी तक जांच टीम गठित नहीं हो पाई। शिक्षक नेता वेतन भुगतान को लेकर कई बार बीएसए व डीएम से मिले चुके थे। लेकिन ऐसे समय में जबकि जांच चल रही हो वेतन भुगतान किया जाना भ्रष्टाचार के दायरे में आता है। इसलिए इनके भुगतान को लेकर डीएम अभिषेक सिंह ने शासन को पत्र लिखा था। जिसमें सुझाव मांगा गया था। मंगलवार को प्रमुख सचिव का पत्र आया। जिसमें कहा गया है कि दिव्यांग शिक्षकों से शपथपत्र लेकर वेतन भुगतान जारी कर दिया जाए। साथ ही जल्द जांच कराने को भी कहा गया है। इस बाबत डीएम अभिषेक सिंह ने बीएसए एसपी सिंह को सभी दिव्यांग शिक्षकों को वेतन भुगतान का आदेश जारी कर दिया है। वेतन भुगतान की खबर मिलते ही शिक्षकों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वेतन भुगतान को लेकर कुछ शिक्षकों ने कोर्ट की भी शरण ली थी।

प्रभावित थे 256 दिव्यांग शिक्षक

औरैया। फर्जी विकलांगता के मामले में जिले के 256 शिक्षकों का वेतन नवंबर वर्ष 2019 से रोका गया था। बाद में चलन क्रिया में दिव्यांग 75 शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया था। शेष बचे 181 शिक्षकों का वेतन नहीं मिल रहा था। जबकि शिक्षक जांच के लिए तैयार थे। उनका कहना था कि जब हमने जांच करा ली है तब वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है? जांच के बाद भी यदि हमें दोषी माना जा रहा है तो कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? जबकि शिक्षकों से काम लिया जा रहा था।

दिव्यांग शिक्षकों से लिया जाएगा शपथपत्र

औरैया। दिव्यांग शिक्षकों से इस बात का शपथपत्र लिया जाएगा कि यदि उनका कोई प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता है तो उसके जिम्मेदार वह खुद होंगे। दोषी पाए जाने पर एफआईआर कराने के साथ ही बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रिकवरी की कार्रवाई भी होगी। फिलहाल वेतन भुगतान सभी का किया जाएगा। चाहे उसने नियुक्ति में लाभ लिया हो या फिर प्रमोशन या तबादले में।

धनउगाही को जनप्रतिनिधि भी थे सक्रिय

औरैया। करीब दो सौ शिक्षकों के वेतन भुगतान का मामला जिले के एक जनप्रतिनिधी के लिए धनउगाही का जरिया बन गया था। चर्चा है कि एक जनप्रतिनिधि ने शिक्षकों से लाखों रुपए एकत्र भी किए थे। मगर जब भुगतान नहीं हुआ तब उनकी काफी किरकिरी भी हुई। उधर, डीएम ने मामले से अवगत कराते हुए शासन से दिशा निर्देश मांगा था। ताकि दिव्यांग शिक्षकों का नियम के अनुकूल भुगतान कराया जा सके।

बोले जिलाधिकारी

शासन से पत्र आ गया है। सभी दिव्यांग शिक्षकों का वेतन भुगतान अगस्त माह से किया जाएगा। साथ ही उनसे एक शपथपत्र भी लेने को कहा गया है। माह भ
र के अंदर उनकी जांच कराई जानी है। जांच में यदि कोई शिक्षक दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई के साथ ही एफआईआर व रिकवरी भी होगी। -अभिषेक सिंह, डीएम औरैया

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