उत्तर प्रदेश न्यूज21 राज त्रिपाठी
कानपुर देहात रसूलाबाद के क्षेत्र व कस्वा में लगातार कोरोना बम फूट रहा जिसके चलते क्षेत्र के लोगों में मचा हड़कंप लेकिन शासन प्रशासन फिर भी नहीं बरत रहा कोई सावधानी जिसको लेकर लोगों में भय व्याप्त ।
कोरोना जैसी महांमारी के चलते जहां एक ओर सरकार सख्ती बरत रही तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारी महज एक औपचारिकता निभाने में लगे हुए है ।
आप को बता दे कि सबसे पहले सरकारी अस्पताल सी एच सी की एक आशा व एनम कोरोना पॉजटिव निकली वहीं एक कस्वा की महिला ने भी एक बच्ची को सीएचसी में जन्म दिया जिसका असर ये हुआ की उसका पति भी कोरोना पॉजटिव निकला इस प्रकार तो लोगों की माने तो CHC अस्पताल ही पूरा सन्देह के घेरे में है इस बात को लेकर कस्वा वासियों में तरह तरह की चर्चाएं भी हो रहीं हैं
। वहीं आज कस्वा रसूलाबाद के एक पत्रकार की रिपोर्ट कोरोना पॉजटिव होने से क्षेत्र में हड़कम्प मच गया जब की सभी पत्रकार कोतवाली अस्पताल व तहसील में खबरों को संकलन करने के लिए सभी जगह जाया करते हैं वहीं तहसील अधिकारियों ने कुछ कड़ाई बरती तो व्यापार मण्डल के अधिकारियों ने दबाव बना कर पुराना फार्मूला अपना कर अपनी दुकान खोलने के लिए प्रशासन को मजबूर कर दिया।
। वहीं आज कस्वा रसूलाबाद के एक पत्रकार की रिपोर्ट कोरोना पॉजटिव होने से क्षेत्र में हड़कम्प मच गया जब की सभी पत्रकार कोतवाली अस्पताल व तहसील में खबरों को संकलन करने के लिए सभी जगह जाया करते हैं वहीं तहसील अधिकारियों ने कुछ कड़ाई बरती तो व्यापार मण्डल के अधिकारियों ने दबाव बना कर पुराना फार्मूला अपना कर अपनी दुकान खोलने के लिए प्रशासन को मजबूर कर दिया।
इसके अलावा रात दिन अधिकारियों ने कानून के तहत लोगों को जागरूप करने का काम किया तो बही तहसील अधिकारियों ने सख्ती तो दिखाई पर कस्वा के व्यापारियों को यह नागवार गुजरा जिसके तहत आलाधिकारियों को बैकफुट पर आना पड़ा लेकिन कोरोना ने अपना पैर पसारना बन्द नहीं किया।
कस्वा में दो लोगों में कोरोना निकलने से भी भय नाम की कोई चीज नहीं देखी गई । और इसके वाबजूद लोग अपनी कमाई के चक्कर मे लोगों की जान जोखिम में डाल कर मुख्य चौराहे पर सीना खोल कर दुकानदारी करते नजर आए इसके वाबजूद सबसे अधिक हठधर्मिता चौराहा तिराहा और लहरापुर रोड के दुकानदारों में देखी जा सकती है जिसमे शासन व प्रशासन की लचर व्यवस्था की पोल खोलती नज़र आती दिखाई दे रही है ।
आखिर में इतनी बड़ी बीमारी के चलते कस्वा रसूलाबाद के व्यापारियों में इस बीमारी का भय क्यों नही देखा जा रहा है जब कि ग्रामीणों से लेकर सभी सरकारी कर्मचारी / अधिकारी सभी लोग सन्देह के घेरे में आ रहे हैं । अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कितनी अपनी ज़बाब देही तय कर पाते
हैं। या नहीं क्या फिर गरीब जनता भगवान के भरोसे जीवन जीने के लिए मजबूर होती रहेगी या सरकारी अमला आगे आयेगा अब यह देखने बाली बात होगी या यो ही सब चलता रहेगा। और हॉट स्पॉट बनते रहेंगे।


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