सिल्ट सफाई न होने से ढिकियापुर माइनर सूखा*
■ *पानी न पहुंचने से सूख रही धान की पौध*
दिबियापुर: विभागीय अधिकारियों की घोर अनदेखी से सिल्ट सफाई न होने से ढिकियापुर माइनर सूखा पड़ा है जिससे खरीफ फसल की बुबाई प्रभावित हो रही है।
सिचांई के अन्य संसाधनों में जहाँ डीजल के दामों में
भारी बढोंत्तरी से कृषि लागत बढ़ी है तो वही नहर और रजवाहों का भी पानी अन्नदाताओं को नसीब नहीं हो पा रहा है। रजवाहों और माइनरों की सफाई कागजों में होने से यह पूरी तरह सिल्ट और जंगली खरपतवारों से अटे पडे हैं वहीं जो रजवाहे और माइनर नगर सीमा से होकर गुजरे हैं तो उनका हाल और भी खराब है। नगर में पनचक्की के पास से निकले ढिकियापुर माइनर की दशा इती खराब है कि क्षेत्र के करीब दर्जन भर गाँवों की जमीन सीचने वाला यह माइनर ककराही के आगे अपना स्वरुप खोता हुआ दिखता है।माइनर से दिबियापुर से आगे ककराही ,जमुहीं तिवारी का पुर्वा, पचा का पूर्वा, वरकेपुर्वा ,धरमाई का पुर्वा ,करौंदा,सूखमपुर, कमण्डापुर बख्तावरपुर,मानीपुर एंव ढिकियापुर आदि गाँवों के किसान अपने खेतों की सिचाई करते हैं लेकिन फिलवक्त माइनर में पानी न पहुंचने से सम्वधित किसान बूंद-बूद के लिये परेशान हैं।इस सम्बध में मंगलवार को सैंकडों किसानों ने स्थानीय नहर कोठी स्थित सिंचाईखण्ड कार्यालय में अधिशाषी अभियंता को शिकायती पत्र देकर ढिकियापुर माइनरकी सफाई करवाने को मॉग की है। तिवारी का पुर्वा निवासी चरन सिहं राजपूत ने बताया कि पानी के अभाव में जब नर्सरी ही सूखने की कगार पऱ है तो रोपाई का हो पाना नामुमकिन है।बुघवार को पीडित किसानों ने क्षेत्रीय विधायक एवं कृषि राज्य मंत्री लाखन सिहं राजपूत से फोन कर समस्या केनिस्तारण की माँग की गयी।योगेन्द्र कुमार,अंकित पाल, मन्नीलाल, प्रेमचन्द्र,रविन्द्र एंव हरीशंकर आदि ने जिलाधिकारी से ढिकियापुर माइनर की जल्द सफाई करवाने की माँग की है।वहीं सिंचाई खण्ड विभाग के जेई मनीष कुमार ने बताया कि सम्बधित किसानों की शिकायत आयी है जॉच के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर जंगली घास और कचरे से माइनर भरा पड़ा है जिससे पाती का बहाव रुका पड़ाहै।उन्होने बताया कि नगर में लोगों द्वारा माइनर में कूड़ा आदि गंदगी डालने से समस्या औरविकराल बन गयी है।उन्होनें बताया कि विभाग वर्ष में एक बार अक्टूबर महीने में सभी नहरों और माइनरों की सफाई कराता है फिर भी वह इस माइनर की सफाई के लिपे एक्सईएन से बात कर प्रयास करेगें।
भारी बढोंत्तरी से कृषि लागत बढ़ी है तो वही नहर और रजवाहों का भी पानी अन्नदाताओं को नसीब नहीं हो पा रहा है। रजवाहों और माइनरों की सफाई कागजों में होने से यह पूरी तरह सिल्ट और जंगली खरपतवारों से अटे पडे हैं वहीं जो रजवाहे और माइनर नगर सीमा से होकर गुजरे हैं तो उनका हाल और भी खराब है। नगर में पनचक्की के पास से निकले ढिकियापुर माइनर की दशा इती खराब है कि क्षेत्र के करीब दर्जन भर गाँवों की जमीन सीचने वाला यह माइनर ककराही के आगे अपना स्वरुप खोता हुआ दिखता है।माइनर से दिबियापुर से आगे ककराही ,जमुहीं तिवारी का पुर्वा, पचा का पूर्वा, वरकेपुर्वा ,धरमाई का पुर्वा ,करौंदा,सूखमपुर, कमण्डापुर बख्तावरपुर,मानीपुर एंव ढिकियापुर आदि गाँवों के किसान अपने खेतों की सिचाई करते हैं लेकिन फिलवक्त माइनर में पानी न पहुंचने से सम्वधित किसान बूंद-बूद के लिये परेशान हैं।इस सम्बध में मंगलवार को सैंकडों किसानों ने स्थानीय नहर कोठी स्थित सिंचाईखण्ड कार्यालय में अधिशाषी अभियंता को शिकायती पत्र देकर ढिकियापुर माइनरकी सफाई करवाने को मॉग की है। तिवारी का पुर्वा निवासी चरन सिहं राजपूत ने बताया कि पानी के अभाव में जब नर्सरी ही सूखने की कगार पऱ है तो रोपाई का हो पाना नामुमकिन है।बुघवार को पीडित किसानों ने क्षेत्रीय विधायक एवं कृषि राज्य मंत्री लाखन सिहं राजपूत से फोन कर समस्या केनिस्तारण की माँग की गयी।योगेन्द्र कुमार,अंकित पाल, मन्नीलाल, प्रेमचन्द्र,रविन्द्र एंव हरीशंकर आदि ने जिलाधिकारी से ढिकियापुर माइनर की जल्द सफाई करवाने की माँग की है।वहीं सिंचाई खण्ड विभाग के जेई मनीष कुमार ने बताया कि सम्बधित किसानों की शिकायत आयी है जॉच के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर जंगली घास और कचरे से माइनर भरा पड़ा है जिससे पाती का बहाव रुका पड़ाहै।उन्होने बताया कि नगर में लोगों द्वारा माइनर में कूड़ा आदि गंदगी डालने से समस्या औरविकराल बन गयी है।उन्होनें बताया कि विभाग वर्ष में एक बार अक्टूबर महीने में सभी नहरों और माइनरों की सफाई कराता है फिर भी वह इस माइनर की सफाई के लिपे एक्सईएन से बात कर प्रयास करेगें।
फोटो परिचय- जलकुंभी और सिल्ट से भरे पड़े ढिकियापुर माइनर का नजारा

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