माँ की पुण्यतिथि पर ने मास्क व सेनेटाइजर वितरित किये
दिबियापुर (औरेया) । गुरुवार को स्मृतिशेष वीजीएम महाविद्यालय के प्रबंधक व संस्थापक रहे रामशंकर गुप्ता की धर्म पत्नी ऊषा गुप्ता की द्वितीय पुण्यतिथि
पर वीजीएम महाविद्यालय ,पंजाब नेशनल बैंक दिबियापुर व सड़को पर ठिलिया लगाए दुकानदारो को कोरेना से बचाव रखने के लिए उनके समाजसेवी पुत्र प्रधानाचार्य पवन गुप्ता ने मास्क ,सेनेटाइजर वितरित कर सावधानी बरतने पर जागरूक किया । इससे पूर्व आवास पर परिवारीजनों ने मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई । वीजीएम प्रबंधक राजेश गुप्ता ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए ज्ञान का पहला अध्याय माता की कोख से ही शुरु होता है । पुत्र कुपुत्र हो सकता है लेकिन माता कभी भी कुमाता नहीं हो सकती, यह जिसने भी कहा है बहुत खूब कहा है । बेटा कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए लेकिन माता के लिए जिंदगी भर वह बच्चा ही रहता है । माता और पुत्र का रिश्ता ऐसा होता है कि दुनिया का कोई भी रिश्ता उस का मुकाबला नहीं कर सकता है । उपस्थित युवाओं को नसीहत देते हुए कहा कि अपनों के बीच यदि बड़ा सपना देखोगे, तो निश्चित ही सफलता आपके कदम चूमेगी।वहीं जो जितना ही बड़ा सपना देखता है वह उतना ही आगे बढ़ता है। रिश्तो को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता । इस अवसर पर शुभ गुप्ता ,भावनागुप्ता ,कृषणा ,रुद्र ,परी ,आकर्ष सहित राजेश कुमार , पत्रकार अमित चतुर्वेदी ,,अनुराग तिवारी ,सुनील कुमार ,प्रदीप गुप्ता शिक्षक ,अरुण कुमार यादव पिंटू आदि लोग मौजूद रहे ।
पर वीजीएम महाविद्यालय ,पंजाब नेशनल बैंक दिबियापुर व सड़को पर ठिलिया लगाए दुकानदारो को कोरेना से बचाव रखने के लिए उनके समाजसेवी पुत्र प्रधानाचार्य पवन गुप्ता ने मास्क ,सेनेटाइजर वितरित कर सावधानी बरतने पर जागरूक किया । इससे पूर्व आवास पर परिवारीजनों ने मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई । वीजीएम प्रबंधक राजेश गुप्ता ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए ज्ञान का पहला अध्याय माता की कोख से ही शुरु होता है । पुत्र कुपुत्र हो सकता है लेकिन माता कभी भी कुमाता नहीं हो सकती, यह जिसने भी कहा है बहुत खूब कहा है । बेटा कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए लेकिन माता के लिए जिंदगी भर वह बच्चा ही रहता है । माता और पुत्र का रिश्ता ऐसा होता है कि दुनिया का कोई भी रिश्ता उस का मुकाबला नहीं कर सकता है । उपस्थित युवाओं को नसीहत देते हुए कहा कि अपनों के बीच यदि बड़ा सपना देखोगे, तो निश्चित ही सफलता आपके कदम चूमेगी।वहीं जो जितना ही बड़ा सपना देखता है वह उतना ही आगे बढ़ता है। रिश्तो को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता । इस अवसर पर शुभ गुप्ता ,भावनागुप्ता ,कृषणा ,रुद्र ,परी ,आकर्ष सहित राजेश कुमार , पत्रकार अमित चतुर्वेदी ,,अनुराग तिवारी ,सुनील कुमार ,प्रदीप गुप्ता शिक्षक ,अरुण कुमार यादव पिंटू आदि लोग मौजूद रहे ।

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