ब्यूरोचीफ:- सौरभ त्यागी उत्तर प्रदेश न्यूज21
माधौगढ-योगी सरकार ने बड़े जतन से गौशालाओं पर अपनी पूरी राजनैतिक ऊर्जा खर्च की लेकिन गैरजिम्मेदार अफसरों के कारण गौशालाओं की स्थिति नरकीय हो गयी है। तिल-तिल कर मर रहे इन गौवंशों पर चुप्पी ओढ़ ली गई है,वहीं जिम्मेदार लोग इन गौवंशों को अंधेरे और भोर के उजाले में चुपके से गड्ढा खोदकर उसमें दफना देते हैं।
माधौगढ नगर पंचायत के अधीन बनी डिकौली की गौशाला में गौवंश भूंखे-प्यासे तड़प तड़प के प्राण निकाल रहे हैं। दर्जनों गौवंशों की हालत देखकर कालेज फटा जा रहा है। गौशाला की तस्वीर किसी को भी रुला और गुस्से से भर सकती है। गौशाला के अंदर का मंजर दिल को झकझोरने वाला है,इंसानियत सिसिकियाँ ले रही है। बेजुबानों के ऊपर ऐसा जुल्म आंखों से नहीं देखा जाता।
गौशाला में लापरवाही का आलम देखिए कि 14 गौवंश मौजूद थे,जिनमें 10 जमीन पर आखिरी सांसे ले रही थी। कर्मचारियों ने बता दिया कि 140 गौवंश चारा खाने गए हैं। हकीकत यह है कि डिकौली के ग्रामीणों का कहना है कि गौवंशों का न इलाज कराया जा रहा है और न ही उनके खाने-पीने के इंतजाम है। इसलिए वह दम तोड़ रही हैं। सुबह 8 बजे अंतिम सांस ले रही गौवंश को नगर पंचायत के कर्मचारी ने जेसीबी से मिट्टी खोदकर दफ़नाना चाहा, जिसको लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सहित कई ग्रामीणों ने विरोध जताया। जिस पर कर्मचारी से विवाद भी हुआ। एसडीएम सालिकराम ने कहा कि बीमार गौवंश का इलाज कराया जा रहा है।
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