ब्यूरोचीफ:-सौरभ त्यागी उत्तर प्रदेश न्यूज21
माधौगढ-कोरोना काल में जिस तरह से पुलिस की दागदार छवि धुली है,उसके बाद जगह-जगह पुलिस कर्मियों का स्वागत और अभिनंदन हो रहा है। पुलिस के लिए पहली बार यह बदलाव की बयार है,जो उस जनता के द्वारा निभाई जा रही है,जिसकी जुबान से हमेशा पुलिस के लिए तल्खी भरे शब्द निकले हैं लेकिन आज यही आम जनता जो कभी पुलिस को भला-बुरा कहती थी,अब वही उसके गले में माला डालकर उसका अभिनंदन कर रही है। आखिर में करे भी क्यों न ? कोरोना संकट में पुलिस ने काम ही ऐसे किए हैं। जिस मरीज को छूने के लिए उसके घर के लोग राजी नहीं थे,उसे पुलिसकर्मियों ने अपने हाथों से अस्पताल तक पहुंचाने का काम किया। जो बुजुर्ग दवाई के अभाव में तड़प रहा था,उसे अपने तरीके से अपने पैसे से दवाई पहुंचाने का काम किया। भूख से बिलख रहा परिवार,किसी अपने का नहीं बल्कि पुलिस की बाट जोहता था। इसे बखूबी पुलिस ने अपना फर्ज समझकर निभाया। इन्हीं कार्यों की बदौलत पुलिसकर्मी वास्तव में कोरोना योद्धा के असली हकदार साबित हुए हैं। इनका सम्मान किया जाना,उनके गुरुर को बनाए रखने के लिए जरूरी भी है। खकसीस गांव में रेंडर कोतवाल अशोक वर्मा और उनके साथी पुलिसकर्मियों का संजीव तिवारी उर्फ बाबा क्षेत्र पंचायत सदस्य ने आधा सैकड़ा ग्रामीणों के बीच फूलों की बारिश कर उनका अभिनंदन किया। समाजसेवियों ने बंगरा मंडल अध्यक्ष अमित बादल और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकार प्रिन्स द्विवेदी का भी सम्मान किया। इस दौरान प्रिन्स द्विवेदी ने कोरोना संकट में पुलिस के द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख कर, उन्हें नये योद्धा के रूप में बताया। वही मंडल अध्यक्ष अमित बादल ने पुलिसकर्मियों की तारीफ करते हुए उन्हें असली हीरो बताया। इस अभिनंदन से खुश कोतवाल अशोक वर्मा ने ग्रामीणों से कहा कि उनके दरवाजे न्याय के लिए दिन रात खुले हुए हैं। विश्वास दिलाते हैं कि किसी को हताश और निराश नहीं किया जाएगा। इस दौरान स्मार्ट विज़न फाउंडेशन के अध्यक्ष अवनीश मिश्रा,धीरज दुबे,ननकू कुशवाहा,राजू पांडेय वरगुवा,लोकेंद्र कक्का,शैलेन्द्र,शिववीर रूरा आदि मौजूद रहे।
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