IIT कानपुर के मास्क में है कोरोना जैस घातक वायरस को मारने की क्षमता
उत्तरप्रदेश न्यूज़21 कानपुर:आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक और पूर्व छात्र कोरोना वायरस से बचाने वाला नहीं बल्कि उसे मारने वाला रीयूजेबल मास्क तैयार करने में जुटे हैं। इस एन-95 मास्क में कोविड-19 जैसे घातक वायरस प्रवेश करते ही
मर जाएंगे। मास्क को तैयार करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) फंडिंग कर रहा है। सिट्रा, कोयंबटूर (साउथ इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन) से अनुमति मिलने के बाद मास्क बाजार में उतारा जाएगा।कोरोना के इलाज और उससे सुरक्षित रखने को लेकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिक नए-नए शोध कर रहे हैं। यहां के पूर्व छात्र डॉ. संदीप पाटिल ने एन-95 मास्क बनाया था जो संक्रमितों का इलाज करने वाले डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। अब केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. शिवाकुमार ने डॉ. संदीप के साथ मिलकर एन-95 मास्क को और सुरक्षित बनाने पर शोध किया। इसमें टीम में केमिस्ट्री विभाग के कुछ प्रोफेसर भी शामिल हैं। टीम का मकसद था कि कोविड-19 वायरस को मास्क के जरिए मुंह में प्रवेश करने से रोकना नहीं बल्कि मारना है। शोध पूरा हो गया है और उसके परिणाम भी आश्चर्यजनक मिले हैं।
डॉ हर्षवर्धन ने इसे उपयोगी बताया
डॉ. संदीप के मुताबिक नया एन-95 मास्क पूरी तरह एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल होगा। नैनोफाइबर संग मेटल के नैनो पार्टिकल और एक विशेष कोटिंग के प्रयोग से बने इस मास्क के संपर्क में आते ही कोविड-19 जैसे सभी वायरस मर जाएंगे। मास्क में चार लेयर हैं। पहली लेयर कुअर्स फिल्टर, दूसरी लेयर माइक्रो फिल्टर, तीसरी लेयर नैनो फिल्टर और चौथी लेयर सुपर साफ्ट होगी। इस सफलता पर डीएसटी ने ट्वीट कर टीम को बधाई दी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी भविष्य की समस्याओं को लेकर इसे बड़ा उपयोगी बताया है।
कानपुर में बन रहा नैनोटेक्नोलॉजी सेंटर
डॉ. संदीप शहर में नैनोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर खोल रहे हैं। इस सेंटर में सिर्फ नैनोटेक्नोलॉजी से जुड़े शोध होंगे और नए-नए प्रोडक्ट तैयार किए जाएंगे। साथ ही नैनोटेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप को भी यहां फंडिंग व मेंटर उपलब्ध कराए जाएंगे
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