संवाददाता =/ रोहित सविता की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश न्यूज़21
देश का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले निष्पक्ष पत्रकारों (कलमकारों) के ऊपर आये दिन हो रहे अत्याचार व बदसलूकी चरम पर पहुँच कर कम होने का नाम नही ले रही हैं। वही कोरोना जैसी खतरनाक महामारी में निष्पक्ष कलमकारों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार व राज्य सरकार के द्वारा कोई भी सुविधा नही दी जा रही हैं। वही लगातार पत्रकारों से आये दिन खाकी अपनी ताकत अजमाती रहती हैं ।कानपुर नगर समेत कई जिलों में मीडियाकर्मियों के कवरेज के दौरान जबरन काटे गए गाड़ियों के चालान जबकि उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के द्वारा कहा गया हैं कि पत्रकारों से अभद्रता व बदसलूकी करने वाले सीधे जाएंगे जेल, आसानी से नही मिल सकेगी जमानत, व पच्चास हजार रुपए तक का जुर्माना योगी सरकार के आदेशों का नही करते पालन लगातार पत्रकारों के ऊपर फर्जी तरीके से मुकदमा धड़ल्ले से दर्ज किए जा रहे है।साथ ही उत्तर प्रदेश डीजीपी के द्वारा भी आदेश दिए गए थे कि पुलिसकर्मी सभी पत्रकारों का ख्याल रखें और उन्हें सम्मान करे। योगी सरकार नही दे रही हैं कोई भी सुरक्षा।कलमकार अपनी जान जोखिम में डाल कर हमेशा हम लोगों को हर छोटी बड़ी खबरों से वाखिब कराता है।
*योगी सरकार को मृतक पत्रकारों के परिवार के एक सदस्य को देना चाहिए सरकारी नौकरी*
पत्रकारों को न तो उनके लिए जीवन की सुरक्षा के विषय मे ख्याल हैं सरकार और न ही कोई अन्य व्यवस्था की जबकि योगी सरकार के द्वारा अभी हाल में ही कोरोना जैसी आपदा को देखते हुए पुलिसकर्मियों व अन्य कर्मियों का पच्चास पच्चास लाख रुपए का बीमा किया गया उनके ऊपर यदि कोई भी अत्याचार मारपीट करते है तो उनके खिलाफ सीधे एक्शन लिया जाएगा । अगर किसी पत्रकार के ऊपर कोई अत्याचार व मारपीट की जाती हैं तो उनके लिए कोई कार्यवाही सुरक्षा व्यवस्था नही।।
आखिरकार कब तक मिलेगा निष्पक्ष कलमकारों को उनका हक , कब तक दया करेगी योगी सरकार, कब किया जाएगा पच्चास पच्चास लाख रुपये का बीमा । कोरोना जैसी बीमारी आपदा से हुई मृत्यु पर आखिरकार पत्रकारों के लिए योगी सरकार क्या करेगी सुरक्षा व्यवस्था।
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