बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कोरोना योद्धाओं को सम्मान, प्रधानमंत्री मोदी बोले- नमन के पात्र हैं कोरोना वॉरियर्स
- Last updated: Thu, 07 May 2020 09:19 AM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कोरोना योद्धाओं के सम्मान में होने वाले एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। वे समरोह को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी विकट परिस्थितियां हैं कि आमने सामने आकर बातचीत नहीं कर पा रहा तो तकनीक के माध्यम से जुड़ा हूं। यह कार्यक्रम कोरोना योद्धाओं के सम्मान में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संघ के सहयोग से संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में एक वर्चुअल प्रार्थना होगी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले से कहा है कि यह आयोजन कोरोना पीड़ितों के सम्मान और कोविड-19 फ्रंटलाइन वॉरियर के लिए आयोजित किया गया है।
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-समय बदला, स्थिति बदली, समाज की व्यवस्थाएं बदलीं, लेकिन भगवान बुद्ध का संदेश हमारे जीवन में निरंतर प्रवाहमान रहा है। ये सिर्फ इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि, बुद्ध सिर्फ एक नाम नहीं हैं, बल्कि एक पवित्र विचार भी हैं।
-ऐसे समय में जब दुनिया में उथल-पुथल है। कई बार दुःख-निराशा-हताशा का भाव बहुत ज्यादा दिखता है। तब भगवान बुद्ध की सीख और भी प्रासंगिक हो जाती।
-भगवान बुद्ध कहते थे कि मानव को निरंतर ये प्रयास करना चाहिए कि वो कठिन स्थितियों पर विजय प्राप्त करे उनसे बाहर निकले। थक कर रुक जाना कोई विकल्प नहीं होता। आज हम सब भी एक कठिन परिस्थिति से निकलने के लिए, निरंतर जुटे हुए हैं, साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
-भगवान बुद्ध के बताए चार सत्य - दया, करुणा, सुख-दुख के प्रति समभाव, जो जैसा है उसको उसी रूप में स्वीकारना, ये सत्य निरंतर भारत भूमि की प्रेरणा बने हुए हैं।
-बुद्ध वो है जो स्वयं को खपा कर लोगों के लिए समर्पित हैै। ऐसा ही सब हम आजकल अपने आस पास देख रहे है कि किस तरह कोरोना योद्धा निस्वार्थ होकर दिन रात काम कर रहे हैं। ऐसा हर व्यक्ति नमन का पात्र है।
-प्रत्येक जीवन को सुरक्षित रखने के संकल्प ने भारत को सही दिशा दिखाई है। भगवान बुद्ध ने इस महान परंपरा को समृद्ध किया है।
-पीएम मोदी ने जनता को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई दी। ऐसी विकट परिस्थितियां हैं कि आमने सामने आकर बातचीत नहीं कर पा रहा तो तकनीक के माध्यम से जुड़ा हूं।
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