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यूपी के 19 जिलों में कोई छूट नहीं देगी सरकार : योगी आदित्यनाथ जानिये कारण

यूपी के रेड जोन वाले 19 जिलों में कोई छूट नहीं देगी सरकार : योगी आदित्यनाथ

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार प्रदेश में रेड जोन में किसी तरह की कोई छूट नहीं देगी। एक निजी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि हम केंद्र की गाइडलाइन का पूरा पालन करेंगे। रेड जोन में कोई छूट नहीं देंगे जबकि ऑरेंज और ग्रीन जोन में कुछ छूट देंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में हम सब्जी और किराने की दुकानों को पहले से छूट दे चुके हैं । ऐसे में, हमारी कोशिश है कि ऑरेंज जॉन को ग्रीन में और रेड जोन को पहले ऑरेंज और फिर ग्रीन में बदलकर प्रदेश को कोरोना से मुक्त करें।
लॉकडाउन से राजस्व पर पड़ने वाले असर के सवाल पर सीएम योगी ने बताया कि यूपी को एक महीने में 17 से 18 हजार करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होता था लेकिन इस बार एक हजार करोड़ ही राजस्व आया है। फिलहाल हमारे लिए राजस्व से ज्यादा चिंता अपने नागरिकों की रक्षा करने की है। यह ज्यादा महत्वपूर्ण है।  सीएम ने कहा कि प्रदेश वापस आने वाले सभी लोगों का मेडिकल चेकअप और क्वारांटीन में भेजने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को  वापस लाने का काम किया जाएगा। जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं, उन्हें हम तुरंत लेने को तैयार हैं। उन्होंने मजदूरों से अपील की कि पैदल न चलें, जहां है, वहीं रहें। मैं आश्वासन देता हूं कि उन्हें कोई तकलीफ नहीं होगी।
सीएम योगी ने कहा कि तबलीगी जमात के लोगों ने संक्रमण के मामले छिपाए, जिसकी वजह से यह तेजी से फैला। उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात का काम आश्चर्यचकित करने वाला था। बीमारी होना कोई अपराध नहीं, लेकिन उसे छिपाने का काम किया गया। किसी को बीमारी हो गई, कोई बात नहीं। उसका इलाज किया जाएगा। लेकिन आप इसे छिपाकर उससे संक्रमण फैलाने का काम करें तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहते हुए संकोच नहीं है कि तबलीग के इस रवैये के कारण संक्रमण तेजी से फैला। उत्तर प्रदेश में बड़ी तादाद में पुलिस ने जमात के लोगों को पकड़ा और क्वारंटीन किया है। 
सीएम ने कहा कि तबलीगी जमात के लोगों ने कई जगह पर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गलत व्यवहार किया। गाजियाबाद में नर्सों के साथ अभद्रता की, जो काफी दुर्भाग्य की बात है। ऐसे ही वाराणसी और कानपुर में भी तबलीगी जमात के लोगों ने अभद्रता की, जिसके लिए पहले उन्हें समझाने का काम किया गया, लेकिन वे नहीं माने तब कठोर कदम उठाए गए हैं।

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