रिपोर्ट:-सौरभ त्यागी जालौन/उत्तर प्रदेश न्यूज़ 21/जालौन
बनास डेरी (अमूल) द्वारा बर्ष 2011 में उत्तर प्रदेश में अमूल पद्धति द्वारा दुग्ध संकलन कार्य शुरू किया गया था और आज उत्तर प्रदेश 19 जिलों में कार्य कर रही है ।जिसमें जिला जालौन (कुठौन्द) भी सम्मलित है जो कि बनास डेरी ने बर्ष 2017 में जालौन में 3000 ली. से दूध से शुरुआत की थी। अमूल डेरी पर आज लोगों में बिस्वास बढ़ने से 70000 ली से ज्यादा दूध की खरीद जालौन (कुठौंद)में हो रही है। क्योंकि इसमें भुगतान भी समय से होता है। इसलिए लोगों में बनास डेरी पर लाभ व बिस्वास हुआ है। इस भयंकर महामारी के समय मे दुग्ध उत्पादकों की समस्या को समझते हुए बनास डेरी ने खरीद मूल्य में किसी प्रकार की रेटिंग में कमी नहीं की है। बनास डेरी 6.5 पर लॉयलटी बोनस सहित प्रति ली 44.50 रुपये दे रही है ।आज जालौन में 5 करोड़ 30 लाख रुपये 6 हजार किसानों को दुग्ध मूल्य चुकाया जा रहा है तथा ज्यादा से ज्यादा लोग पशु पालन के तहत प्राप्त हो रहे रोजगार से लाभान्वित हो रहे है। बनास डेरी ने अन्य डेरियों की तरह न ही रेट कम किये है और न ही खरीद का संकलन का कार्य बंद किया है। साथ ही दुग्ध उत्पादकों को 8 से 11 रुपये प्रति लीटर ज्यादा दे रही है जिसकी तुलना किया जाए तो लगभग जालौन में प्राइवेट डेरियों से बनास डेरी 5 लाख रुपये प्रतिदिन ज्यादा दे रही है साथ ही बनास डेरी (अमूल) ने इस महामारी से लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को कोबिड केयर में 25 लाख का स्वैछिक सहयोग किया है ।बनास डेरी (अमूल) के चेयरमैन श्री शंकर भाई चौधरी का किसानों के प्रति अच्छे दृष्टि कोण का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के किसानों के दूध का ज्यादा भाव प्राप्त हो रहा है और हम सभी जालौन बासी चेयरमैन साहब के आभारी है ।(अमूल) के उत्तर प्रदेश के मुख्य अधिकारी डॉ एस बी सिंह के द्वारा जानकारी दी गई है।
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