अमित चतुर्वेदी
औरेया । रविवार को परेड ग्राउन्ड पुलिस लाइन्स औरैया में कोविड-19 से बचाव हेतु मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। ड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक औरैया सुनीति व जनपद के चिकित्साधिकारी डां0 सरफराज आलम अंसारी व डां0 अशोक कुमार द्वारा जनपद में गठित कोरोना रैपिड रिस्पांस टीम को कोरोना से सम्बन्धित किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की
सूचना पर जनपद की स्वास्थ टीम के साथ समन्वय कर पीपीई किट का इस्तेमाल करते हुए संदिग्ध व्यक्ति की जांच कराने व उसको इलाज हेतु जिला चिकित्सालय ले जाते समय सावधानिया बरतने के सम्बन्ध में जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक औरैया व मौजूद चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति पाया जाता है तो रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर बिना किसी वस्तु या स्थान को स्पर्श किए संदिग्ध को जांच हेतु समझाते हुए उचित दूरी बनाये रखे। यदि कोई व्यक्ति जांच के लिए जानें असहाय है तो उस संदिग्ध व्यक्ति को टीम द्वारा संदिग्ध की बाजू व पीठ का सहारा लेकर सावधानीपूर्वक एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय तक ले जायें। पीपीई किट को उपयोग करने के बाद चिकित्सालय में बने डस्टबिन में नष्ट कर दें। इस दौरान टीम के सभी सदस्य अपने हाथों को बार-बार साबुन से अच्छी तरह से धुलते रहे तथा अपने को सेनेटाइज भी करते रहें तथा अपने हांथो को अपने नाक, मुह, आंखों को छूने से बचें। पुलिस अधीक्षक औरैया व चिकित्सको द्वारा दिये गये प्रशिक्षण से पुलिस व चिकित्सा विभाग के मध्य समन्वय मजबूत हुआ। पुलिस द्वारा की जाने वाली नियमानुसार कार्यवाही के दौरान उनके कर्तव्य व सावधानी के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी प्राप्त हुई। पुलिस अधीक्षक औरैया व चिकित्सकों द्वारा उपस्थित अधिकारी/कर्मचारी गणों को कोरोना संदिग्ध की सूचना के दौरान की जाने वाली कार्यवाही/जिम्मेदारी/सावधानी बरतने की जानकारी मॉक ड्रिल के माध्यम से दी गई। कोरोना वायरस जैसे घातक संक्रमण को रोकने व इस बड़ी आपदा के समय औरैया पुलिस चिकित्सकों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर चलने के लिए दृण संकल्पित है। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक औरैया कमलेश दीक्षित, क्षेत्राधिकारी सदर सुरेन्द्र नाथ व प्रतिसार निरीक्षक औरैया विजय कुमार पाण्डेय सहित डायल 112 पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
सूचना पर जनपद की स्वास्थ टीम के साथ समन्वय कर पीपीई किट का इस्तेमाल करते हुए संदिग्ध व्यक्ति की जांच कराने व उसको इलाज हेतु जिला चिकित्सालय ले जाते समय सावधानिया बरतने के सम्बन्ध में जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक औरैया व मौजूद चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति पाया जाता है तो रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर बिना किसी वस्तु या स्थान को स्पर्श किए संदिग्ध को जांच हेतु समझाते हुए उचित दूरी बनाये रखे। यदि कोई व्यक्ति जांच के लिए जानें असहाय है तो उस संदिग्ध व्यक्ति को टीम द्वारा संदिग्ध की बाजू व पीठ का सहारा लेकर सावधानीपूर्वक एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय तक ले जायें। पीपीई किट को उपयोग करने के बाद चिकित्सालय में बने डस्टबिन में नष्ट कर दें। इस दौरान टीम के सभी सदस्य अपने हाथों को बार-बार साबुन से अच्छी तरह से धुलते रहे तथा अपने को सेनेटाइज भी करते रहें तथा अपने हांथो को अपने नाक, मुह, आंखों को छूने से बचें। पुलिस अधीक्षक औरैया व चिकित्सको द्वारा दिये गये प्रशिक्षण से पुलिस व चिकित्सा विभाग के मध्य समन्वय मजबूत हुआ। पुलिस द्वारा की जाने वाली नियमानुसार कार्यवाही के दौरान उनके कर्तव्य व सावधानी के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी प्राप्त हुई। पुलिस अधीक्षक औरैया व चिकित्सकों द्वारा उपस्थित अधिकारी/कर्मचारी गणों को कोरोना संदिग्ध की सूचना के दौरान की जाने वाली कार्यवाही/जिम्मेदारी/सावधानी बरतने की जानकारी मॉक ड्रिल के माध्यम से दी गई। कोरोना वायरस जैसे घातक संक्रमण को रोकने व इस बड़ी आपदा के समय औरैया पुलिस चिकित्सकों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर चलने के लिए दृण संकल्पित है। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक औरैया कमलेश दीक्षित, क्षेत्राधिकारी सदर सुरेन्द्र नाथ व प्रतिसार निरीक्षक औरैया विजय कुमार पाण्डेय सहित डायल 112 पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
एक टिप्पणी भेजें
If You have any doubts, Please let me know