कार व ट्रैक्टर में भीषण टक्कर से कार चालक की मौके पर मौत, दो घायल
उत्तरप्रदेश न्यूज़21
संवाददाता-नवनीत गुप्ता
अगला पहिया भी निकल गया। इसके बाद ट्रैक्टर बेकाबू होकर सड़क किनारे नाले में जा गिरा। हादसे के चलते औरैया-दिबियापुर मार्ग पर जाम लग गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस हादसे में घायल कार चालक और ट्रैक्टर पर सवार दो लोगों को जिला अस्पताल ले गई। वहां हंसे का पुरवा निवासी कार चालक शैलेंद्र (35) को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, ट्रैक्टर पर सवार पुर्वा भिखानी निवासी राजू के बेटे संजीव और बहादुर लाल के बेटे लालाराम का उपचार चल रहा है। थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु कराई गई है। मृतक के परिजनों की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कार में पेट्रोल डलवाकर लौट रहा था शैलेंद्र
दिबियापुर (औरैया)। हादसे के वक्त हंसे का पुर्वा निवासी शैलेंद्र कार में पेट्रोल डलवा कर अपने घर लौट रहा था। शैलेंद्र की मौत से उसकी चार बेटियों की सिर से पिता का साया उठ गया है। अब परिवार के लोगों को शैलेंद्र की बेटियों की परवरिश की चिंता सता रही है। इधर, शैलेंद्र के भतीजे (साढ़ू भाई के बेटे) ललित कुमार ने बताया कि उन लोगों को एक कार्यक्रम में सम्मिलित होने जाना था। इसीलिए मौसा शैलेंद्र कार में पेट्रोल डलवाने के लिए दिबियापुर गए थे। वहां से वापस लौटते समय वह हादसे का शिकार हो गए। शैलेंद्र खेती करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। हादसे की खबर पाकर परिजन चिचौली स्थित जिला अस्पताल पहुंचे और शैलेंद्र से लिपट कर बिलख पड़े। रिश्तेदारों ने दुखी परिजनों को संभाला।
कार में पेट्रोल डलवाकर लौट रहा था शैलेंद्र
दिबियापुर (औरैया)। हादसे के वक्त हंसे का पुर्वा निवासी शैलेंद्र कार में पेट्रोल डलवा कर अपने घर लौट रहा था। शैलेंद्र की मौत से उसकी चार बेटियों की सिर से पिता का साया उठ गया है। अब परिवार के लोगों को शैलेंद्र की बेटियों की परवरिश की चिंता सता रही है। इधर, शैलेंद्र के भतीजे (साढ़ू भाई के बेटे) ललित कुमार ने बताया कि उन लोगों को एक कार्यक्रम में सम्मिलित होने जाना था। इसीलिए मौसा शैलेंद्र कार में पेट्रोल डलवाने के लिए दिबियापुर गए थे। वहां से वापस लौटते समय वह हादसे का शिकार हो गए। शैलेंद्र खेती करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। हादसे की खबर पाकर परिजन चिचौली स्थित जिला अस्पताल पहुंचे और शैलेंद्र से लिपट कर बिलख पड़े। रिश्तेदारों ने दुखी परिजनों को संभाला।
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