खेतों की मेड़ पर लगाएं पौधे और पाएं चार वर्ष तक अनुदान, पौधरोपण तकनीक समेत कृषकों को मुफ्त पौधा
उत्तरप्रदेश न्यूज़21
संवाददाता-अंकित शर्मा
गंगा यात्रा के साथ ही गंगा किनारे के गांवों में विभिन्न विभागों की ओर से नई योजनाएं बनाई गई हैं। इसी क्रम में वन विभाग ने भी एक ब्लू प्रिंट तैयार किया है जिससे गंगा किनारे वानिकी क्षेत्र का विस्तार होगा तो वहीं किसानों की आय भी बढ़ेगी।
इस योजना में किसानों को दोहरा फायदा है। एक जहां आय का साधन मिलेगा तो दूसरे पूरी कवायद में हुए व्यय का वहन वन विभाग करेगा। क्षेत्रीय वन अधिकारी नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि एग्रीकल्चर लैंडस्केप योजना बनाई गई है। इसके तहत कृषकों के निजी भूमि पर खेतों अथवा मेड़ों पर उनकी इच्छानुसार उच्च गुणवत्ता के शीशम, नीम, खैर, बबूल, अरु, मलबरी, सहजन, कदंब, सागौन, गम्हार, पॉपलर, फलदार में देशी आम, कटहल, अमरूद, ऑवला, बेल, जामुन, नींबू आदि पौधे रोपे जाएंगे।
वन विभाग द्वारा किसानों को मुफ्त में पौधा उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्य के लिए कृषकों को अनुदान के रूप में गड्ढा खोदने, पौधारोपण कार्य के साथ ही देखरेख के लिए चार वर्ष तक अनुदान भी मिलेगा। पीएफएमएस के माध्यम से व्यय धनराशि कृषक के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 150 पौधों का रोपण होगा। कृषकों को पौधा रोपण संबंधित सभी तकनीकी व आवश्यक जानकारी वन विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों की ओर से दी जाएगी।
औषधीय व खुशबूदार पौधों की खेती
इसके अलावा वन विभाग ने कृषकों के खेतों में भी पौधारोपण की स्कीम बनाई है। इसके तहत औषधीय व खुशबूदार पौधों को खेतों में रोपने पर भी अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा वन विभाग की ओर से उत्पादों को बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
आज नैपुरा, मुड़ादेव व तारापुर में गोष्ठी
इस क्रम में 19 जनवरी को काशी विद्यापीठ विकास खंड के तहत ग्राम नैपुरा, मूड़ादेव व तारापुर गंगा ग्राम में किसानों को जागरूक करने के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया है। इसमें वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ग्राम प्रधान आदि उपस्थित रहेंगे।
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